हौज़ा न्यूज़ एजेंसी की रिपोर्ट के अनुसार, आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी (रह.) की नमाज़-ए-जनाज़ा और तदफ़ीन क़ुम मुक़द्दसा में अत्यंत श्रद्धा और सम्मान के साथ की गई। उनकी नमाज़-ए-जनाज़ा आयतुल्लाहिल उज़्मा जाफ़र सुब्हानी ने पढ़ाई। इसके बाद पार्थिव शरीर को हज़रत फ़ातिमा मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के रौज़े के मस्जिद बालासर में ले जाया गया।
आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी (रह.) ज्ञान, फ़िक़्ह, तक़वा और उच्च नैतिक गुणों में विशिष्ट स्थान रखते थे। अब वे हमेशा के लिए हज़रत फ़ातिमा मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के पड़ोस में आराम फरमा रहे हैं।
उनकी आख़िरी आरामगाह रौज़े-ए-मुबारक में अन्य दिवंगत मराजे-ए-इज़ाम और वरिष्ठ उलमा के पास है।
रहबर-ए-मुअज़्ज़म की ओर से मजलिस-ए-अज़ा का आयोजन
आयतुल्लाहिल उज़्मा शुबैरी ज़ंजानी (रह.) के लिए ईसाल-ए-सवाब और संवेदना व्यक्त करने के उद्देश्य से रहबर-ए-मुअज़्ज़म इंक़िलाब-ए-इस्लामी की ओर से आयोजित मजलिस आज रात हज़रत फ़ातिमा मासूमा सलामुल्लाह अलैहा के रौज़े के शबिस्तान इमाम ख़ुमैनी (रह.) में आयोजित की जाएगी।
महिलाओं के लिए भी इसी समय रौज़े-ए-मुबारक में आयोजित होने वाली मजलिस के साथ-साथ मैदान-ए-रिसालत (रिसालत स्क्वायर) स्थित मस्जिद अमीरुल-मोमिनीन (अ) में मजलिस-ए-तरहीम आयोजित की जाएगी।





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